टेढ़ी-मेढ़ी और उभरी हुई पैर की नसों को ठीक कर देंगी ये 3 एक्‍सरसाइज!

पैरों पर ऊभरी टेढ़ी-मेढ़ी और कलरफुल नसों के चलते अक्‍सर महिलाएं शॉर्ट ड्रेसेज पहनने के शौक पूरे नहीं कर पाती हैं। इस प्रकार की नसों को वैज्ञानिक भाषा में वैरिकोज़ वेंस कहा जाता है। वेरिकोज़ वेंस, जिसे वेरिकोसाइटिस के नाम से भी जाना जाता है। यह समस्‍या तब होती है, जब नसें बढ़ जाती हैं, पतली हो जाती हैं और रक्‍त से भर जाती हैं, यानी नसें ब्‍लॉक हो जाती हैं। वेरिकोज वेंस, आमतौर पर त्‍वचा पर सूजी हई या ऊभरी हुई दिखाई देती हैं। यह टेढ़ी-मेढ़ी होने के साथ ही लाल, नीली व बैंगनी रंग की होती हैं। जो काफी दर्दनाक हो सकती हैं।

खासतौर से महिलाओं में यह स्थिति बहुत ज्‍यादा देखने को मिलती है। वयस्कों की बात करें तो उनमें लगभग 25 प्रतिशत लोगों में वैरिकोज़ वेंस होती हैं। ज्यादातर मामलों में, वैरिकोज़ वेंस निचले पैरों पर दिखाई देती हैं।

वैरिकोज़ वेंस तब होती हैं जब नसें ठीक से काम नहीं करती हैं। नसों में एक तरफा वाल्व होता है जो रक्त को पीछे की ओर बहने से रोकता है। जब ये वाल्व विफल हो जाते हैं, तो रक्त आपके हृदय की ओर बढ़ने के बजाय नसों में इकट्ठा होने लगता है। जिससे नसें बढ़ जाती हैं। वैरिकोज़ वेंस अक्सर पैरों को प्रभावित करती हैं।

वैरिकोज़ वेंस के कुछ संभावित कारणों में शामिल हैं:

  • गर्भावस्था
  • रजोनिवृत्ति (मेनॉपॉज)
  • 50 से अधिक उम्र
  • लंबे समय तक खड़े रहना
  • मोटापा
  • वैरिकोज़ वेंस का पारिवारिक इतिहास

वैरिकोज़ वेंस की समस्‍या से बचने और काफी हद तक इससे निपटने के लिए यहां कुछ एक्‍सरसाइज के बारे में बताया गया है, जिसे आप कर सकते हैं।

लंजेज

आपके पैरों और कॉफ में कई अलग-अलग मांसपेशी समूहों का काम करते हैं। जब ये मांसपेशियां मजबूत और स्वस्थ होती हैं, तो वे रक्त को सही दिशा में बहने में मदद कर सकती हैं। अपने पैरों के साथ थोड़ा अलग खड़े होकर शुरू करें। आगे बढ़ें और अपने घुटने मोड़ें। अपने घुटने को सीधे अपने टखने से ऊपर रखना सुनिश्चित करें। कुछ सेकंड के लिए खुद को बैठने की मुद्रा में रखें, फिर खड़े हो जाएं।

वॉकिंग

वॉकिंग या चलना बेहद फायदेमंद है और आमतौर पर सभी उम्र और फिटनेस स्तर के लोगों के लिए सुरक्षित है। नियमित सैर आपको वजन कम करने, स्वस्थ रक्तचाप बनाए रखने और आपकी हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद कर सकती है। साथ ही यह नसों के ब्‍लड सर्कुलेशन को विनियमित करता है।

साइकिलिंग

साइकिल चलाना एक कम प्रभाव वाला व्यायाम है। यह आपके जोड़ों की रक्षा करते हुए भी परिसंचरण को बढ़ा सकता है। नियमित रूप से साइकिल चलाना आपके कॉफ (घुटनों के नीचे के पीछे का हिस्‍सा) मांसपेशियों को मजबूत कर सकता है और स्वस्थ रक्त प्रवाह को बढ़ावा देता है। आप चाहें तो पारंपरिक तौर पर साइकिल चला सकते हैं। इसके अलावा बिना साइकिल के साइकिल एक्‍सरसाइज कर सकते हैं। इसे करने के लिए आप अपनी पीठ के बल लेटकर, अपने घुटनों को अपनी छाती की ओर खींचकर, और अपने पैरों से एक पेडलिंग गति बनाकर अपने पैरों की मांसपेशियों को फैला सकते हैं।

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